प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड कराना एक सामान्य प्रक्रिया है। अल्ट्रासाउंड से भ्रूण के विकास का सही पता लगाया जा सकता है। प्रेगनेंसी में बच्चे के विकास का सही आंकलन करने के लिए डॉक्टर समय-समय पर अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं। अल्ट्रासाउंड पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में करवाया जा सकता है।
प्रेगनेंसी में बच्चे की धड़कनों को सुनने के लिए अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है, ताकि पता चल सके कि बच्चा एकदम सुरक्षित है। गर्भावस्था में करवाए जाने वाले पहले अल्ट्रासाउंड को डेटिंग कहा जाता है। प्रेगनेंसी में पहला अल्ट्रासाउंड छठें और सातवें सप्ताह के बीच किया जाता है। पहली तिमाही में किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड में पता लगाया जाता है कि बच्चा गर्भाशय में सही जगह पर है या नहीं। इसके अलावा बच्चे की दिल की धड़कनें भी पता चलती है।
सोनोग्राफी कितने महीने में करवाना चाहिए?