स्तन का दूध जल्दी क्या लाता है?
6 महीने तर हर शिशु के लिए स्तनपान जरूरी माना गया है। वहीं दो साल के बाद इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है। ऐसी स्थिति में कुछ महिलाएं अपने स्तन के दूध को सुखाने के बारे में सोचना शुरू कर देती है। इस प्रक्रिया को मेडिकल टर्म में लैक्टेशन सप्रेशन के नाम से जाना जाता है। मॉमजंक्शन का हमारा यह लेख इसी विषय पर आधारित है। यहां हम सरल भाषा में स्तन का दूध सुखाने के 8 घरेलू नुस्खे बताएंगे। इसके अलावा हम कुछ अन्य टिप्स भी देंगे, जो स्तन का दूध सुखाने में कारगर साबित हो सकती हैं।
इस क्रम में हम सबसे पहले जानेंगे कि आखिर महिलाओं को स्तन का दूध क्यों सुखाना पड़ता है।
स्तनों का दूध सुखाने के कारण |
एक महिला द्वारा स्तन का दूध सुखाने के कई कारण हो सकते हैं, जिसकी चर्चा हम नीचे क्रमवार तरीके से कर रहे हैं (1) (2):
शिशु संकेत: कुछ शिशुओं को क्लासिक गैलेक्टोसेमिया (डेयरी उत्पादों में मौजूद शुगर को पचाने में असमर्थ होना) की समस्या हो सकती है। ऐसे मामलों में शिशु स्तन के दूध को नहीं पचा पाता है।
मां का व्यक्तिगत फैसला : कई मामलों में माताओं को अपने काम के कारण अपने शिशुओं को स्तनपान कराने का मौका नहीं मिलता है। अध्ययनों से पता चलता है कि लगभग 70 प्रतिशत माताएं बच्चे को जन्म देने के बाद काम पर लौटती हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए बच्चे को दूध पिलाना कठिन हो जाता है। इसलिए वो ऐसा फैसला ले सकती है।
गर्भावस्था खोना या मृत शिशु का जन्म: ऐसे मामलों में भी महिलाओं को स्तन के दूध को सुखाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
स्तन संक्रमण और ट्यूमर : कई मामलों में स्तन के संक्रमण या फिर ट्यूमर होने के कारण भी महिलाओं को स्तन का दूध सुखाने का फैसला लेना पड़ सकता है।
कुछ विशेष दवाओं का उपयोग : महिलाओं द्वारा कुछ ऐसी दवाओं का उपयोग, जो शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। इस कारण भी महिलाओं को स्तन का दूध सुखाना पड़ता है।
कुछ रोगों के कारण : कुछ विशेष रोगों (जैसे – ट्यूबरक्युलोसिस) के स्थिति में भी महिलाएं स्तन का दूध सुखाने का फैसला ले सकती है।
दूध का पर्याप्त मात्रा में न बनना : अगर किसी महिला के स्तन में दूध का पर्याप्त उत्पादन नहीं हो रहा है, तो इस स्थिति में भी महिला स्तन के दूध को सुखाने का फैसला ले सकती है।
स्तन का दूध सुखाने के कारण जानने के बाद हम बताएंगे कि इस समय क्या करना चाहिए।
स्तनों का दूध सुखाने के दौरान क्या करें?
किसी भी महिला को स्तन का दूध सुखाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जो कुछ इस प्रकार हैं (3):
स्तनों को सहारा देने के लिए फिटिंग ब्रा का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि ब्रा ज्यादा कसी न हो, इससे तकलीफ बढ़ सकती है।
स्तनों की सिकाई करें। इसके लिए गर्म और ठंडी दोनों ही तरह की सिकाई इस्तेमाल में लाई जा सकती है, जो स्तनों की सूजन को कम करने में सहायक हो सकती है।
स्तन के दर्द को दूर करने के लिए इबुप्रोफेन या पैरासिटामोल का उपयोग भी किया जा सकता है। हालांकि, इनका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
वहीं घरेलू उपायों के तौर पर कुछ जड़ी-बूटियों और कच्चे गोभी के पत्तों से भी स्तनों के दर्द और सूजन को कम करने का प्रयास किया जा सकता है।
अगर महिला खुद में बीमार महसूस कर रही हो या फिर स्तन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो। साथ ही स्तनों में दर्द, सूजन या स्तनों में लाली हो, तो ऐसे में विशेष रूप से स्तनों की देखभाल की सलाह दी जाती है।
महिलाओं को ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे वे असहजता महसूस होने पर स्तन का अतिरिक्त दूध निकाल सके। जब भी स्तन अधिक भर जाए, इस प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है।
लेख में आगे हम दूध सुखाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताएंगे।
स्तनों का दूध सुखाने के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
स्तन का दूध सुखाने के दौरान कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए, तभी दूध को सुखाने में मदद मिल सकती है। नीचे हम उन्हीं बातों की चर्चा कर रहे हैं (3):
स्तन का दूध सुखाने के दौरान ढीली या कसी ब्रा का इस्तेमाल करने से बचें।
अगर स्तन का अतिरिक्त दूध निकालने में असहजता महसूस हो रही हो, तो ऐसा न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
इसके अलावा स्तन का दूध सुखाने के दौरान ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे स्तन उत्तेजित हो।
लेख के इस हिस्से में हम स्तन के दूध सुखाने के घरेलू उपाय बता रहे हैं।
स्तनों का दूध सुखाने के 8 घरेलू उपाय
स्तनों का दूध सुखाने के लिए कुछ घरेलू उपायों का उपयोग काफी कारगर माना जाता है। इस कारण यहां हम स्तनों का दूध सुखाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :
1. पत्ता गोभी के पत्ते
सामग्री :
पत्ता गोभी के पत्ते – 2 से 4
उपयोग करने का तरीका :
सबसे पहले पत्ता गोभी के पत्ते को ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें।
जब ये पत्ते अच्छी तरह से ठंडे हो जाएं, तो इन्हें ब्रा के सपोर्ट से स्तनों पर लगाकर छोड़ दें।
फिर एक घंटे बाद इन पत्तों को बदल लें।
कैसे है फायदेमंद :
स्तन के दूध को सुखाने के लिए पत्ता गोभी का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च में इस बात की जानकारी मिलती है कि स्तन पर पत्ता गोभी के उपयोग से दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ब्रेस्ट एनग्रेमेंट (दूध की अधिक मात्रा से स्तन में होने वाला दर्द) से भी राहत मिल सकती है (4)। हालांकि, स्तन के दूध को सुखाने में इसकी भूमिका को लेकर अभी और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।
2. सेज के पत्ते
सामग्री :
सेज के पत्ते – 1 से 3 ग्राम
नींबू (स्वादानुसार)
शहद (स्वादानुसार)
उपयोग करने का तरीका :
सबसे पहले एक पैन में पानी डालकर उसे उबाल लें।
इसके बाद गैस बंद करके सेज के पत्ते को इसमें डालें और 3 से 5 मिनट तक के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
फिर इसमें अपने स्वादानुसार नींबू का रस और शहद मिलाएं।
इस तरह तैयार हो जाएगी सेज की चाय। अब एक-एक घूंट करके इस चाय का आनंद लें।
कैसे है फायदेमंद :
स्तन के दूध को सुखाने के लिए सेज के पत्तों के फायदे देखे जा सकते है। इस बात की जानकारी एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की साइट पर मौजूद रिसर्च से मिलती है। इस शोध के अनुसार, सेज के पत्ते का उपयोग दूध की मात्रा को धीरे-धीरे कम करने में मददगार साबित हो सकता है (5)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि स्तनों के दूध को सुखाने में सेज के पत्तों का उपयोग कुछ हद तक कारगर साबित हो सकता है।
3. पुदीने का तेल
सामग्री :
पुदीने का तेल – 2 से 3 बूंद
उपयोग करने का तरीका :
अपनी हथेलियों में पुदीने का तेल लगाएं और स्तन की मालिश करें।
कैसे है फायदेमंद :
स्तन के दूध को सुखाने के लिए पुदीने के तेल की मालिश भी लाभकारी साबित हो सकती है। इससे संबंधित एक शोध के मुताबिक, पुदीने के तेल की मालिश दूध की आपूर्ति को कम कर सकती है। हालांकि, इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए, क्योंकि पुदीने के तेल की उच्च खुराक विषाक्तता का कारण बन सकती है। इस कारण बच्चे के स्तनपान करने की स्थिति में यह बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है (5)।
4. चेस्टबेरी
सामग्री:
चेस्टबेरी सप्लीमेंट – 20 एमजी
उपयोग करने का तरीका:
डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करें।
कैसे है फायदेमंद :
एक शोध में बताया गया है कि चेस्टबेरी का इस्तेमाल स्तन के दूध को सुखाने के लिए किया जा सकता है। दरअसल, इस रिसर्च के मुताबिक, 52 महिलाओं को करीब तीन महीने तक रोजाना 20 मिलीग्राम चेस्टबेरी का सेवन कराया गया। ऐसे में 3 महीने बाद उन महिलाओं में प्रोलैक्टिन (एक तरह का हार्मोन) का स्तर कम देखा गया, जो दूध के उत्पादन को घटाने में मदद कर सकता है (6)।
5. अजमोद
पत्तियों से युक्त अजमोद की डंठल – 5 से 6
सामग्री :
उपयोग करने का तरीका:
अजमोद की पत्तियों को अपने आहार में शामिल करें।
चाहें तो अजमोद की पत्तियों को सलाद में डालकर भी खा सकते हैं या फिर इसका सूप बनाकर पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
इस संबंध में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि अजमोद प्रोलैक्टिन के स्तर को कम करता है। भोजन के रूप में इसका सेवन दूध की आपूर्ति को कम कर सकता है (5)। यही कारण है कि स्तन के दूध को सुखाने के लिए अमजोद का इस्तेमाल लाभकारी माना जाता है।
6. चमेली
सामग्री :
चमेली का फूल
उपयोग करने का तरीका :
चमेली के फूल का पेस्ट बनाकर स्तन पर लगाएं।
कैसे है फायदेमंद :
स्तन के दूध को सुखाने के लिए चमेली के फूल का उपयोग भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, चमेली का फूल प्रोलैक्टिन के स्तर को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है, जो दूध के उत्पादन को कम करने में कारगर साबित हो सकता है (5)।
7. विटामिन-बी 6
सामग्री :
विटामिन-बी 6 सप्लीमेंट – 450 एमजी
उपयोग करने का तरीका :
दिन में एक बार विटामिन बी 6 की 450 एमजी की टैबलेट ली जा सकती है।
कैसे है फायदेमंद :
विटामिन बी-6 (पाइरिडोक्सिन हाइड्रोक्लोराइड) का इस्तेमाल स्तन के दूध को सुखाने के लिए कारगर माना जा सकता है। इस बात की जानकारी एनसीबीआई की साइट पर मौजूद रिसर्च में मिलती है। इस शोध के अनुसार, विटामिन बी-6 प्रोलैक्टिन हार्मोन के स्तर को कम कर सकता है, जिससे स्तनों में दूध बनने की प्रक्रिया कम हो सकती है (7)। वहीं दूध को सुखाने के लिए ली जाने वाली 450 से 600 एमजी तक की विटामिन बी-6 की खुराक को सुरक्षित माना गया है (8)। हालांकि, इसे इस्तेमाल में लाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
8. आइस पैक
सामग्री :
आइसपैक
उपयोग करने का तरीका :
आइस पैक से स्तनों की 5 से 10 मिनट के लिए सिकाई करें।
कैसे है फायदेमंद :
स्तन के दूध को सुखाने के लिए घरेलू उपायों में आइस पैक का इस्तेमाल भी शामिल है। एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, स्तन के दूध को सुखाने के लिए आइस पैक का इस्तेमाल लाभकारी हो सकता है (9)।
घरेलू उपायों के बाद स्तन के दूध को सुखाने के लिए दवाइयों के बारे में जानिए।
स्तन के दूध को सुखाने के लिए दवाएं
स्तन के दूध को सुखाने के लिए कुछ दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। हालांकि सामान्य तौर पर दवा का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं । इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। चलिए अब हम स्तनों का दूध सुखाने वाली कुछ ऐसी ही दवाओं के नाम बता रहे हैं, जिन्हें डॉक्टर लेने की सलाह दे सकते हैं :
स्यूडोएफीड्रीन – स्तन के दूध को सुखाने के लिए स्यूडोफेड्रिन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एक शोध में होती है। इस शोध की मानें, तो इस दवा की एक खुराक से दूध उत्पादन को कम करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है (10)।
ब्रोमोक्रिप्टाइन – इस दवा का भी उपयोग स्तन के दूध को सुखाने के लिए किया जा सकता है। इस पर हुए शोध से पता चलता है कि 3 दिनों के लिए दैनिक रूप से इस दवाई का सेवन दूध को सुखाने में कारगर हो सकता है (11)।
कैबर्जोलिन- बच्चों को स्तनपान कराने के दौरान कैबर्जोलिन का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि यह स्तनपान को दबा देता है। इस आधार पर स्तन के दूध को सुखाने के लिए इस दवा का भी प्रयोग किया जा सकता है (12)।
यहां हम बताएंगे कि स्तन का दूध सुखाने में कितना समय लग सकता है।
स्तनों का दूध को सूखने में कितना समय लगता है?
बात करें अगर स्तन का दूध सुखाने में लगने वाले समय की, तो एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित शोध के मुताबिक दवा लेने की स्थिति में 12 से 96 घंटे में दूध सुखाया जा सकता है (12)। वहीं घरेलू उपायों के माध्यम से इसे ठीक करने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
चलिए अब कुछ अन्य टिप्स जान लेते हैं, जिनकी मदद से स्तनों के दूध को सुखाने में सहायता मिल सकती है।
स्तनों का दूध सुखाने के लिए कुछ अन्य जरूरी टिप्स
स्तनों का दूध सुखाने का इलाज और घरेलू उपाय जानने के बाद यहां हम कुछ अन्य टिप्स दे रहे हैं, जिनके माध्यम से दूध के उत्पादन को कम करने में मदद मिल सकती है :
स्तनपान को उत्तेजित करने से बचें। इससे दूध सुखाने में काफी हद तक मदद मिल सकेगी (3)।
स्तन के दूध को सुखाने के लिए गर्म पानी से शॉवर के दौरान हल्की-हल्की मात्रा में दूध को बाहर निकालें (13)। कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।
स्तन से दूध का रिसाव को रोकने के लिए फिटिंग ब्रा का उपयोग करें, ताकि स्तन नीचे की ओर झुका न हो (3)। महिला चाहे तो इसके लिए नर्सिंग पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं। दरअसल, ये वैसे पैड होते हैं, जिनमें सोखने की क्षमता होती है।
इसके अलावा स्तन को सहारा देने के लिए ब्रा के अंदर कपड़े भी रख सकती हैं, ताकि दूध अधिक होने की स्थिति में स्तनों से बाहर निकलने वाला दूध कपड़ों पर दाग का कारण न बने (3)।
स्तन का दूध सुखाने के टिप्स जानने के बाद इसके जोखिमों को भी जानना जरूरी है।
स्तनों का दूध सुखाने के जोखिम
स्तन का दूध सुखाने के जोखिम कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :
अगर स्तन से दूध की निकासी नहीं होती है, तो उससे एंगोर्जमेंट (स्तन में सूजन) का जोखिम बढ़ सकता है (14)।
इसके अलावा, स्तन का दूध सुखाने के लिए अपनाए गए घरेलू उपायों में अपनाई जाने वाली चेस्टबेरी का अधिक सेवन कुछ मामलों में मतली की समस्या, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या (पेट और आंत से जुड़ी समस्या), मासिक धर्म संबंधी विकार, मुंहासे, प्रुरिटस (त्वचा पर खुजली होना) और सिरदर्द का कारण बन सकता है। हालांकि इसके प्रभाव हल्के होते हैं और यह खुद से ही ठीक भी हो सकते हैं (12)।
वहीं घरेलू उपाय के तौर पर अधिक मात्रा में सेज के पत्तों के इस्तेमाल से भी कई दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। जैसे- मतली, उल्टी और चक्कर आना। इसके अलावा, सेज का अधिक उपयोग महिलाएं में घरघराहट का कारण बन सकता है और ब्लड शुगर को कम कर सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो अस्थमा और मधुमेह से पीड़ित लोगों को सेज के उच्च खुराक से बचना चाहिए, इससे उन्हें दौरा पड़ने का भी खतरा हो सकता है (5)।
इसके साथ ही पुदीने के तेल का अधिक सेवन विषाक्तता पैदा कर सकता है। ऐसे में दूध सुखाने के लिए स्तनों पर पिपरमेंट के तेल की मालिश के बाद बच्चों को स्तनपान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए (5)।
यही नहीं, स्तन का दूध सुखाने के लिए ली जाने वाली दवाइयों के भी कुछ साइड इफेक्ट सामने आ सकते हैं। इनमें चक्कर आने की समस्या, सिरदर्द, मतली और पेट में दर्द की समस्या शामिल हैं (12) (10) (11)।
लेख के अंत में जानें कि स्तनों के दूध को सुखाने के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।
स्तनों के दूध को सुखाने के लिए डॉक्टर की मदद कब लें
स्तन के दूध को सुखाने के लिए डॉक्टर से कब मदद लें, इस बारे में हम नीचे क्रमवार तरीके से बता रहे हैं (15) :
अगर स्तन में गांठ हो, जिसे छूने पर दर्द महसूस होता हो या फिर गर्म हो।
अधिक थकान महसूस होना।
इसके अलावा अगर शरीर का तापमान 100 डिग्री से अधिक हो।
लेख से आपने जाना कि स्तन के दूध को सुखाने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए इस प्रक्रिया के दौरान संयम जरूर बरतें। लेख में हमने स्तनों का दूध सुखाने के लिए घरेलू उपायों के साथ-साथ दवाइयों के बारे में भी बताया है। मगर, यहां हम स्पष्ट कर दें कि किसी भी दवाई का प्रयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। वहीं उन दवाओं के प्रयोग के दौरान किसी प्रकार की परेशानी आती है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। मुमकिन है, इस समस्या से जुड़े सभी सवाल आपको मिल गए होंगे। ऐसे में इस लेख के माध्यम से इस जानकारी को अन्य लोगों के साथ भी जरूर शेयर करें।