जन्म के बाद पहले 6 महीनों में नवजात शिशु के लिए ब्रेस्ट मिल्क बहुत पौष्टिक और एनर्जी का बेहतरीन स्रोत होता है। नई मांओं को भी ब्रेस्टफीडिंग लाभकारी होती है। अगर आप शिशु को स्तनपान करवा रही हैं, तो अपने खाने में हेल्दी चीजों को शामिल करें।
हेल्दी चीजें खाने से आपको एनर्जी मिलेगी और शिशु को भी भरपूर पोषण मिल पाएगा। यहां हम आपको कुछ ऐसे फलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें ब्रेस्टफीडिंग डाइट में शामिल करने से मां और बच्चे दोनों को पोषण और ताकत मिलेगी।
हरा पपीता-
हरे पपीते में ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने के गुण होते हैं। जो नई मांऐ अपने ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाना चाहती हैं, वो हरा पपीता जरूर खाएं। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है जो कि स्तनपान के दौरान बहुत जरूरी है।
इस फल में भरपूर मात्रा में नॉन एसिडिक विटामिन सी भी होता है और यह नैचुरल रेचक के रूप में कार्य करता है। इस तरह पपीता कब्ज से बचाता है और पाचन में सुधार लाता है। आप एक गिलरस स्मूदी में आधा कप हरा पपीता डाल सकती हैं या फिर सलाद में भी इसे ले सकती हैं।
केला-
केला भी प्राकृतिक रेचक होता है जो पाचन में सुधार कर सकता है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर भी होता है जो कब्ज से बचाने में मदद कर सकता है। केले में मौजूद पोटैशियम इसे ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए सबसे जरूरी बनाता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान और इसके बाद भी पोटैशियम लेना बहुत आवश्यक होता है। स्तनपान के दौरान फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट को बैलेंस रखने के लिए पोटैशियम की जरूरत होती है।
एवोकाडो-
एवोकाडो सबसे हेल्दी होता है और यह मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है। केले की तरह एवोकाडो में भी पोटैशियम होता है। स्तनपान के दौरान एवोकाडो खाने से शिशु की आंखों की रोशनी, बालों की क्वालिटी और दिल की सेहत और पाचन में वृद्धि होती है।
खरबूजा-
खरबूजे में विटामिन के, विटामिन बी, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, नियासिन, थाइमिन और फोलिक एसिड होता है। इस फल को खाने से शरीर हाइड्रेट रहता है। खरबूजे में उच्च मात्रा में पानी होता है जिससे स्तनपान के दौरान शरीर में फ्लूइड संतुलित रहता है।
अंजीर-
अंजीर में कई तरह के खनिज पदार्थ जैसे कि मैंगनीज, मैग्नीशियम, कॉपर, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन के और विटामिन बी6 भी होता है।
स्तन के दूध के लिए कौन सा फल अच्छा है?