Google AdSense Header Slot

स्तनपान से क्या अर्थ है?

Language: Hindi | Published: 21 Oct 2022 | Views: 20
स्तनपान से क्या अर्थ है?
माँँ द्वारा अपने शिशु को अपने स्तनों से आने वाला प्राकृतिक दूध पिलाने की क्रिया को स्तनपान कहते हैं। यह सभी स्तनपाइयों में आम क्रिया होती है। स्तनपान शिशु के लिए संरक्षण और संवर्धन का काम करता है। नवजात शिशु में रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति नहीं होती। माँँ के दूध से यह शक्ति शिशु को प्राप्त होती है। माँँ के दूध में लेक्टोफोर्मिन नामक तत्व होता है, जो बच्चे की आंत में लौह तत्त्व को बांध लेता है और लौह तत्त्व के अभाव में शिशु की आंत में रोगाणु पनप नहीं पाते।माँँ के दूध से आए साधारण जीवाणु बच्चे की आँत में पनपते हैं और रोगाणुओं से प्रतिस्पर्धा कर उन्हें पनपने नहीं देते। माँँ के दूध में रोगाणु नाशक तत्त्व होते हैं। वातावरण से मां की आंत में पहुंचे रोगाणु, आंत में स्थित विशेष भाग के संपर्क में आते हैं, जो उन रोगाणु-विशेष के खिलाफ प्रतिरोधात्मक तत्व बनाते हैं। ये तत्व एक विशेष नलिका थोरासिक डक्ट से सीधे माँँ के स्तन तक पहुंचते हैं और दूध से बच्चे के पेट में। इस तरह बच्चा माँँ का दूध पीकर सदा स्वस्थ रहता है।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp