ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाक
ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाकफोटो साभार: गूगल इमेज
किशन कुमार (स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क)
रायबरेली। बार-बार अल्ट्रासाउंड कराना गर्भ में पल रहे शिशु के लिये खतरनाक हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक के परामर्श पर ही अल्ट्रासांउड कराना चाहिए। जिला अस्पताल के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन ने एक गोष्ठी में गर्भवतियों को सलाह दी।
रायबरेली के जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। ये भी बात सामने आई है कि एक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान 15 से 20 बार अल्ट्रासांउड कराया गया, जबकि उन्हें इसकी जरुरत नहीं थी। वरिष्ठ रेडियोलाजिस्ट डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया है कि अल्ट्रासाउंड डॉक्टर की सलाह पर ही किए जाते हैं, लेकिन देखने में आता है कि ज्यादातर मरीज डॉक्टर पर अल्ट्रासाउंड करने का प्रेशर बना कर पर्चा बनवा लाते हैं। बहुत सी गर्भवती महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं होती है कि इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। बताने पर उन्हें लगता है कि डॉक्टर उनका अल्ट्रासाउंड नहीं कराना चाहते हैं।" वही जिला अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन ने भी कहा कि ज्यादतर गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए जिद करती हैं, जबकि उन्हें इसकी जरूरत नहीं होती है। इसके लिए अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने की जरुरत है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि "जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। दो रेडियोलाजिस्ट हैं। गर्भवती महिलाओं के ऐसे केस सामने आये हैं, जिनमें बिना जरूरत कई बार अल्ट्रासाउंड कराया गया। बार-बार अल्ट्रासाउंड से गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर असर पड़ता है। जागरूक होने की आवश्कता है।"
यह होते हैं दुष्परिणाम
लगातार अल्ट्रासाउंड कराने से डीएनए सेल्स को नुकसान पहुंचता है।
ज्यादा अल्ट्रासाउंड से शरीर में ट्यूमर सेल्स बनने लगते हैं।
गर्भ में पल रहे बच्चे पर शारिरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ता है।
सोनोग्राफी के नुकसान?