सोनोग्राफी कैसे होती है?

कैसे काम करती है अल्ट्रासाउंड मशीन
कुछ सालों पहले तक मेडिकल टेक्नोलाजी इतनी विकसित नही थी जितनी आज के दौर में है। डॉक्टर्स को अपने मरीज का हाल चाल उसकी नब्ज देख कर लेना होता था। वह अपने अनुभव से मरीज की बीमारी का पता लगा लेता था। आज मशीनो का
गर्भवती सोनोग्राफी?

प्रेग्नेंसी में इतनी बार करवाना चाहिए अल्ट्रासाउंड, जानें कब और कैसे करवाएं सोनोग्राफी
हेल्थ डेस्क : मां बनना किसी भी महिला के लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है। इस दौरान महिलाएं कई सारी मिक्स्ड फीलिंग से गुजरती है। कई महिलाओं को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो कई
सोनोग्राफी के नुकसान?

ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाक
ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाकफोटो साभार: गूगल इमेज
किशन कुमार (स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क)
रायबरेली। बार-बार अल्ट्रासाउंड कराना गर्भ में पल रहे शिशु के लिये खतरनाक हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक के परामर्श पर ही अल्ट्रासांउड कराना
सोनोग्राफी कितने प्रकार की होती है?

सोनोग्राफी क्या है? सोनोग्राफी के प्रकार, टेस्ट और नुकसान क्या है? सोनोग्राफी टेस्ट क्यों और कैसे किया जाता है?
आज हम जानेंगे सोनोग्राफी की पूरी जानकारी (Sonography in Hindi) के बारे में क्योंकि आप सोनोग्राफी के बारे में जानना चाहते हैं तो निश्चित बात है कि आपने टीवी पर या फिर
सोनोग्राफी रिपोर्ट?

सोनोग्राफी
मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
प्रतिध्वनि-इम्पल्स सोनोग्राफी का योजनामूलक चित्र
अल्ट्रासाउन्ड द्वारा गर्भवती स्त्री के गर्भस्थ शिशु की जाँच
१२ सप्ताह के गर्भस्थ शिशु का पराश्रव्य द्वारा लिया गया फोटो
सोनोग्राफी या अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सीय निदान (diagnostics) का एक महत्वपूर्ण साधन है। यह पराश्रव्य ध्वनि पर आधारित एक चित्रांकन (इमेजिंग) तकनीक है।