सोनोग्राफी टेस्ट क्या है?

सोनोग्राफी
सोनोग्राफी या अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सीय निदान (diagnostics) का एक महत्वपूर्ण साधन है। यह पराश्रव्य ध्वनि पर आधारित एक चित्रांकन (इमेजिंग) तकनीक है। चिकित्सा क्षेत्र में इसके कई उपयोग हैं जिसमें से गर्भावस्था में गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की प्राप्ति सर्वाधिक जानीमानी है।
भौतिकी में ऐसी तरंगो को पराश्रव्य
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे समझे?

अपनी प्रेगनेंसी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे पढ़े | how to read ultrasound report of pregnancy
Table of Contents
अपनी प्रेगनेंसी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे पढ़े?
महिला रिप्रोडक्शन सिस्टम क्या है ?:-
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे समझे :-
Ultrasound खुद से
सोनोग्राफी कैसे होती है?

कैसे काम करती है अल्ट्रासाउंड मशीन
कुछ सालों पहले तक मेडिकल टेक्नोलाजी इतनी विकसित नही थी जितनी आज के दौर में है। डॉक्टर्स को अपने मरीज का हाल चाल उसकी नब्ज देख कर लेना होता था। वह अपने अनुभव से मरीज की बीमारी का पता लगा लेता था। आज मशीनो का
सोनोग्राफी और अल्ट्रासाउंड में क्या अंतर है?

इसे सोनोग्राफी (Sonography ) भीकहा जाता है। अल्ट्रासाउंड एक ऐसा तरीका है जिसमे बिना किसी तरह का चीरा लगाए अल्ट्रासाउंड के जरिए डॉक्टर शरीर के अंगों, वाहिकाओं और कोशिकाओं में उत्पन्न समस्याओं का पता लगाते हैं. आज हम आपको इन्ही के विषय में बताने जा रहे हैं. तो चलिए शुरू
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सोनोग्राफी कब करवानी चाहिए?

Pregnancy Tips: प्रेग्नेंसी में इतनी बार करवाना चाहिए अल्ट्रासाउंड, जानें कब और कैसे करवाएं सोनोग्राफी
मां बनना किसी भी महिला के लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है। इस दौरान महिलाएं कई सारी मिक्स्ड फीलिंग से गुजरती है। कई महिलाओं को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो कई के
सोनोग्राफी क्या है?

सोनोग्राफी या अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सीय निदान (diagnostics) का एक महत्वपूर्ण साधन है। यह पराश्रव्य ध्वनि पर आधारित एक चित्रांकन (इमेजिंग) तकनीक है। चिकित्सा क्षेत्र में इसके कई उपयोग हैं जिसमें से गर्भावस्था में गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की प्राप्ति सर्वाधिक जानीमानी है।
भौतिकी में ऐसी तरंगो को पराश्रव्य
सोनोग्राफी के नुकसान?

ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाक
ज्यादा अल्ट्रासाउंड गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये खतरनाकफोटो साभार: गूगल इमेज
किशन कुमार (स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क)
रायबरेली। बार-बार अल्ट्रासाउंड कराना गर्भ में पल रहे शिशु के लिये खतरनाक हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक के परामर्श पर ही अल्ट्रासांउड कराना
सोनोग्राफी कितने प्रकार की होती है?

सोनोग्राफी क्या है? सोनोग्राफी के प्रकार, टेस्ट और नुकसान क्या है? सोनोग्राफी टेस्ट क्यों और कैसे किया जाता है?
आज हम जानेंगे सोनोग्राफी की पूरी जानकारी (Sonography in Hindi) के बारे में क्योंकि आप सोनोग्राफी के बारे में जानना चाहते हैं तो निश्चित बात है कि आपने टीवी पर या फिर