प्रेगनेंसी के लिए कौन सी किशमिश अच्छी है?

भीगे हुए किशमिश आयरन, पोटाशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम और फाइबर से भरपूर होते हैं। इनका नियमित सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और एनीमिया रोग दूर होता है। किशमिश में फाइबर के साथ अधिक मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है जो शरीर में सोडियम यानी नमक को
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क्या प्रेगनेंसी में भीगी हुई किशमिश खा सकते हैं?

प्रेगनेंसी में रोज भीगे किशमिश खाएं और देखें फायदे
प्रेगनेंसी के दौरान सिमित मात्रा में ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है क्योंकि ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों की खान होते हैं। तो आज इस आर्टिकल में हम एक ऐसे ही ड्राई फ्रूट की बात करने जा रहे हैं जिनका सेवन
प्रेगनेंसी में बच्चे की धड़कन क्यों नहीं आती है?

अभी तक बच्चे की धड़कन हम नहीं सुन पा रहे हैं. या भ्रूण में धड़कन कौन से हफ्ते में समझ में आने लगती है.
दोस्तों इन सब प्रश्नों के जवाब हमको इस Post के माध्यम से देने की कोशिश कर रहे हैं. हमें उम्मीद है, कि आपको यह Article पसंद आएगा
लड़का होने के क्या क्या संकेत होते हैं?

लड़का हो तो प्रेग्नेंसी में मिलते हैं कुछ ऐसे संकेत
प्रेगनेंसी में जहां मां और बच्चे की सेहत की फिक्र रहती है, वहीं मन में यह सवाल भी आता रहता है कि लड़का होगा या लड़की।
लड़का हो तो प्रेग्नेंसी में मिलते हैं कुछ ऐसे संकेत
प्रेगनेंट होने पर मां ही नहीं बल्कि
अल्ट्रासाउंड में कहाँ लिखा होता है लड़का है या लड़की?

अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है. सोनोग्राफी से कैसे पता लगाएं कि पेट में लड़का है. डॉक्टर किस तरह से अल्ट्रासाउंड से देख कर पता लगा लेते हैं, कि गर्भवती महिला के पेट में जो शिशु है, गर्भस्थ शिशु है. वह एक लड़का है या लड़की है. सोनोग्राफी या
प्रेग्नेंट होने के कितने दिन बाद डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अपने गर्भवती होने का पता चलने पर, बेहतर यही है कि जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी आप डॉक्टर से मिलें। ऐसी डॉक्टर का चयन करें जो अनुभवी हों और जिसके साथ आप सहज महसूस करें।
डॉक्टर के साथ आपकी पहली मुलाकात गर्भावस्था के 10 सप्ताह पूरे करने से पहले हो,
जुड़वा बच्चे का वजन कितना होना चाहिए?

जन्म के समय शिशु का नॉर्मल वेट 2.5 से 3.5 किलो के बीच होना चाहिए।
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जुड़वा कितने प्रकार के होते हैं?

दो प्रकार के होते हैं जुड़वा बच्चे
जुड़वा बच्चे दो प्रकार के होते हैं। पहला एक-दूसरे से अलग दिखने वाले डायजाइगॉटिक (Dizygotic) यानी द्विज अंडज/भ्रातृ जुड़वा। दूसरा मोनोजाइगॉटिक (Monozygotic) यानी एक अंडज/अभिन्न जुड़वा। ये बिल्कुल एक से दिखते हैं।
डायजाइगॉटिक – डायजाइगॉटिक जुड़वा बच्चों का निर्माण तब होता है, जब स्त्री दो
जुड़वा बच्चा पैदा करने के लिए क्या क्या खाना चाहिए?

शायद ही जुड़वा बच्चे पैदा होने से बढ़कर कोई खुशी होगी। कुछ कपल तो जुड़वा बच्चे पाने के लिए हर तरीका अपनाने की कोशिश करते हैं। आपको बता दें कि अपनी डायट में कुछ चीजों को शामिल कर आप भी अपनी जुड़वा बच्चे पैदा करने की संभावना को बढ़ा सकती
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जुड़वा कैसे बनते हैं?

ज्यादातर एक-तिहाई जुड़वां बच्चे एक जैसे दिखते हैं, इन्हें ‘मोनोजायगोटिक ट्विंस’ या फिर ‘आइडेंटिकल ट्विंस’ कहा जाता है (2)। यह तब होता है, जब एक अंडा स्पर्म से निषेचित होता है, लेकिन बाद में विभाजित होकर दो हो जाते हैं। ऐसे भ्रूण जन्म के बाद एक जैसे दिखते हैं। ये