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शिशुओं में हरे रंग का मल होना भी आम होता है। हरे रंग का मल होने के प्रमुख कारण बच्चे में सर्दी, पेट में कीड़े, खाद्य एलर्जी या एंटीबायोटिक दवाओं से परहेज आदि हो सकते हैं। शिशु में हरे रंग के मल का एक कारण यह भी होता है कि
Continue reading wordpress ago hindi 18 viewsसर्दी जुकाम में डेरी प्रोडक्ट्स खाना बहुत अधिक नुकसानदायक होता है, क्योंकि यह बलगम को गाढ़ा करता है और इसे बढ़ाता भी है। सर्दी जुकाम के दौरान डेरी उत्पाद खाने से इसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है, इसलिए सर्दी जुकाम में डेयरी उत्पाद बच्चों को नहीं देनी
Continue reading wordpress ago hindi 10 views जायफल
बहती नाक को बंद करने के लिए जायफल के साथ दूध प्रभावशाली नुस्खा है। एक चुटकी जायफल में कुछ चम्मच दूध डालें। इसे उबालकर हल्का ठंडा होने दें। अब इसे शिशु की पीठ पर लगाएं। ये बंद नाक से तुरंत राहत दिलाता है।
पेट्रोलियम जैली
नाक के लगातार गीले रहने की वजह
नवजात शिशु की देखभाल हर माँ की पहली कोशिश रहती है ताकि शिशु को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। नयी माँ के जानकारी के लिए आगे आपको विस्तार से बताते है।
न्यू बोर्न बेबी को अच्छे से दूध पिलाएं – माँ का दूध
अगर आपके बच्चे का पैर तिरछे हैं तो वह सीधा हो जाएगा। उक्त बातें शनिवार को बैंगलुरु के चिकित्सक डॉ. बासुकी वीआर ने कहीं। मौका था झारखंड ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का। बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ प्रेक्षागृह में दूसरे दिन सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि
Continue reading wordpress ago hindi 13 viewsकुछ शिशु हर बार दूध पीने के बाद मल कर देते हैं और वहीं कुछ शिशु दो से तीन दिन में मलत्याग करते हैं। दूध पीने के बाद हर बार मलत्याग करना वास्तव में इस बात का अच्छा संकेत है कि आपका शिशु पर्याप्त दूध पी रहा है। जब आपके
Continue reading wordpress ago hindi 15 views 1-प्रेगनेंसी का पहला अल्ट्रासाउंड वायबेलिटी स्कैन के रूप में जाना जाता है, जिसे गर्भधारण के 6 से 9 सप्ताह में करवाने की सलाह दी जाती है।
2-दूसरा अल्ट्रासाउंड, जिसका नाम न्युकल ट्रांसलुसेंसी यानी NT होता है। इसे एक जरूरी जांच के रूप में माना जाता है और ये गर्भधारण के ग्याहरवें
एक नार्मल न्यूबोर्न बेबी 3.5kg से 4kg का होता है। इससे ज्यादा वजनी बच्चा पैदा होने पर वह अलग हो जाता है। यहां हम आपको दुनिया के विभिन्न देशों के ऐसे ही मामले बताने जा रहे हैं। जब 7 से 8 किलोग्राम के बच्चे पैदा हुए।
Continue reading wordpress ago hindi 25 viewsबच्चों का वजन बढ़ाने के लिए दूध, दही, पनीर, बटर, घी आदि देना चाहिए. सब्जियों में सभी ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो एक बच्चे के शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं. आप अपने बच्चे को आलू, शकरकंद, गोभी, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां खिला सकते हैं. आप
Continue reading wordpress ago hindi 6 viewsसूजी, गेंहूँ का आटा, चावल, रागी, बाजरा आदि में थोड़ा सा पानी अथवा दूध का प्रयोग करके दलिया बनाया जा सकता है। उपरोक्त अनाज के दानो को भूनकर, पीसकर व पानी के साथ अच्छे से पका कर, चीनी तथा थोड़ी सी वसा के साथ तैयार किया जा सकता है;
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