बच्चेदानी कैसे खोलते हैं?

ऐसे पता करें बच्चेदानी का मुँह खुल गया है
बच्चेदानी का मुँह खुलने के लक्षण, प्रेगनेंसी के दौरान महिला उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करती है की कब उसकी नन्ही जान उसी गोद में आएगी। लेकिन जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे महिला के मन में
बच्चेदानी का मुंह डिलीवरी के कितने दिन पहले खुल जाता है?

नॉर्मल डिलीवरी चाहती हैं, इन उपायों से नौवें महीने में अपने आप खुल सकता है बच्चेदानी का मुंह
अगर नौवें महीने में बच्चेदानी का मुंह टाइम पर खुल जाए तो नॉर्मल डिलीवरी में काफी मदद मिल जाती है।
नौंवे महीने में कदम रखने का मतलब होता है कि अब तक आपकी सारी
प्रसव पूर्व अवस्था क्या है?

प्रसव पूर्व अवस्था क्या है?
प्रसव पूर्व अवस्था में, शिशु मां के गर्भ के अंदर विकसित होता है और प्रसवपूर्व विकास के तीन अलग-अलग चरणों से गुजरकर एक परिपक्व हो जाता है। प्रसवपूर्व अवस्था बच्चे की विकास प्रक्रिया है, जो कि जन्म से पहले 38 सप्ताह की अवधि के दौरान होती
प्रेगनेंसी में राइट साइड सोने से क्या होता है?

प्रेगनेंसी में बेबी का राइट साइड में होना का कारण
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में ऐसे कई परिवर्तन आते है। गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा मूवमेंट करता रहता है। ऐसे में महिलाओं को लगता है की ऐसा क्यों हो रहा है। अगर आप सोच
प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में डिलीवरी कब हो सकती है?

गर्भावस्था का नौवां महीना 35वें सप्ताह से लेकर 40वें सप्ताह तक) यानी गर्भावस्था के आखिरी कुछ दिन, जिसके बाद आपका नन्हा मेहमान आपके हाथों में होगा। यकीनन, यह महीना कई तरह के भावनात्मक अनुभव लेकर आता है। साथ ही गर्भावस्था के इस आखिरी महीने में आपको और भी ज्यादा सावधानियां
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प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में क्या खाना चाहिए?

प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में क्या खाना चाहिए
प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में बच्चे और मां का वजन बढ़ जाता है। यह सबसे नाजुक महीनों में से एक है, जब आपका इंतजार खत्म होने वाला होता है औरलोग बच्चे का बेसब्री से इंतजार कर रहे होते हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के
एम्नियोसेन्टेसिस क्या है?

एमनियोसेंटेसिस क्या है?
एमनियोसेंटेसिस एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है। डॉक्टर आपके गर्भ में से एमनियोटिक द्रव का थोड़ा सा नमूना लेंगी। इस द्रव में आपके शिशु की कुछ कोशिकाएं होती हैं और प्रयोगशाला में इनका परीक्षण किया जाता है।
एमनियोसेंटेसिस आमतौर पर दूसरी तिमाही में 15 से 18 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच
गर्भ में पानी की कमी से क्या होता है?

गर्भावस्था में पानी की कमी से बढ़ती है दिक्कतें
गर्भावस्था में शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा से न केवल महिला का आराम रहता है बल्कि गर्भवस्थ शिशु भी सुरक्षित रखता है। पानी की कमी से सिर दर्द, मिचली, धड़कन तेज होना, पेट में मरोड़, मसल्स में दर्द, हाथ-पैरों में सूजन
प्रेगनेंसी में पेट में पानी कितना होना चाहिए?

प्रेग्नेंसी के दौरान हर दिन कितने लीटर पानी पीना जरूरी? यहां जान लीजिए
गर्भावस्था में कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.
गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान का बहुत ध्यान रखना चाहिए. उनके लिए यह जान लेना जरूरी है कि हर दिन कितने लीटर पानी पीना चाहिए. कम
पेट में बच्चा सिर नीचे कब करता है?

नौवें महीने में डिलीवरी से ठीक पहले इस समय नीचे खिसकता है बच्चा, जानकर हो जाएं तैयार
प्रसव पीड़ा से पहले जब शिशु पूरी तरह बाहर निकलने को तैयार हो जाता है, वह गर्भ से खिसक कर श्रोणि में आ जाता है।
शिशु को गर्भाशय में सही जगह की जरूरत होती है,